Tuesday, 21 May 2013

10वीं में शकुंतला के परिणाम 95 फीसदी


भिलाई। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा कक्षा दसवीं परीक्षा 2013 का परीक्षाफल 16 मई को घोषित किया। जिसमें शकुंतला विद्यालय क्रंमाक-2 रामनगर, भिलाई का परीक्षाफल 94.8 प्रतिशत रहा। जबकि राज्य का 56.78 प्रतिशत एवं दुर्ग जिले का 63.46 प्रतिशत है।
विद्यालय से दसवीं कक्षा में कुल 147 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये, जिसमें से 67 विद्यार्थी प्रथम र्शेणी में एवं 34 द्वितीय र्शेणी में उत्तीर्ण हुए है। कुल उत्तीर्ण 137 विद्याथिर्यों में से हिन्दी में 6, संस्कृत में 8,अंग्रेजी में 8, गणित में 19, सामाजिक अध्ययन में 2 एवं विज्ञान में 8 विद्याथिर्यों ने विशेष योग्यता हासिल की है।                                                                                                      
पूरे दुर्ग जिले में सबसे ज्यादा अंक पाने वाली कु. ज्योति पांडेय ने 93.67 प्रतिशत के साथ प्रदेश में चौदहवां रेंक अजिर्त किया है। वहीं शाला में रोहन लाल ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय, कु. यशस्वी प्रधान ने 91.5 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान, अनुज चंद्राकर 90 प्रतिशत के साथ चतुर्थ एवं बेअंत सिंग चंद्राकर 89.3 प्रतिशत के साथ पंचम स्थान पर रहे।
विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षाफल के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की विशेष बैठक में विद्यालय के प्राचार्य सहित शिक्षकों को बधाई का प्रस्ताव पारित किया गया।                                                      
विद्याथिर्यों के उत्कृष्ट परीक्षाफल के लिए शकुंतला ग्रुप आफ स्कूल्स के डायरेक्टर संजय ओझा, प्राचार्यद्वय एसएस गौतम, व्हीके ओझा, प्रबंधक व्ही दुबे, अभय दुबे उपप्राचार्य आरती मेहरा, जी रेंजना कुमार, अनिता नायर, प्रभारी आशीष कमर्कार, पुष्पा सिंह, अनु सिंघल एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं भारती सिंह, राजेश्वरी गुप्ता, सुभद्रा, शिम्मी राजेश, सीमा चतुर्वेदी, आरके मिर्शा, आरके मिर्शा, वायके शर्मा, प्रतिभा मिर्शा, देवआशीष मुखर्जी, मेघा, केपी तिवारी, संगीता गोस्वामी, सुषमा, डी टंडन, मीना शर्मा, प्रीति सरवन आदि ने सामूहिक रूप से सभी विद्याथिर्यों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया।

वैशाली नगर कन्या शाला की कुसुमलता अव्वल

भिलाई। शासकीय कन्या उमाविद्यालय वैशालीनगर की कक्षा बारहवीं का परीक्षाफल 94 प्रतिशत रहा। 88 विद्यार्थी प्रथम र्शेणी से उत्तीर्ण हुए है। विज्ञान संकाय में कुसुमलता साहू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। रानी थापा वाणिज्य संकाय में प्रथम रही। कक्षा दसवीं की परीक्षा में 70 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए है। अंजली यादव ने सभी विषयों में विशेष योग्यता के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। इनका प्रतिशत 89 रहा।

रामा कोचिंग में 23 से क्लासेस

भिलाई। स्टेट बैंक एवं आईबीपीएस के प्रोबेशनरी आॅफिसर एवं क्लर्क की परीक्षा के लिए हजारों पोस्ट की परीक्षाएं सितंबर अक्टुबर में होने को है, इसे ध्यान में रखते हुए रामा कोचिंग 23 मई से बैंक की कक्षाएं प्रारंभ करने जा रहा है। पाल सर द्वारा संचालित रामा कोचिंग बैंक, रेल्वे, एस एस सी, परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययनरत् का एक अग्रणी संस्थान है। जहां से अभी तक कुल 6500 से अधिक परीक्षार्थी विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में उत्तीर्ण हो चुके है। रामा कोचिंग 135, न्यू सिविक सेंटर, भिलाई में स्थित है।

बीएसपी गर्ल्स ने 12वीं बार जीता खिताब


भिलाई। 14 से 17 मई तक अंबिकापुर में आयोजित 12वीं छग प्रदेश सब-जूनियर बॉस्केटबाल प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र की बालिका टीम ने लगातार 12वीं बार चैम्पियन रहते हुए अपना खिताब बरकरार रखा।
वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र की बालक टीम स्पर्धा में द्वितीय स्थान पर रही। बालिका टीम ने लीग के मैचों में रायपुर जिला को 62-19 अंको से, सरगुजा कार्पोरेशन को 70-10 अंकों से पराजित कर सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में मेजबान सरगुजा जिले की टीम को 68-12 अंकों से पराजित किया। फाइनल मुकाबले में भिलाई इस्पात संयंत्र की टीम ने दुर्ग जिला को 52-17 अंको से परास्त कर 12वीं बार राज्य स्तरीय सब जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पर अपना दबदबा कायम रखा। इस फाईनल मुकाबले में एम लक्ष्मी शर्वंती (कप्तान) ने 16 अंक, गुलबशा अली ने 12 अंक, विमला इक्का ने 12 अंक, महीमा भारद्वाज ने 12अंक एवं मनीषा एवं एन अश्वनी ने 6-6 अंक बनाये।
इसी प्रकार बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में एक अत्यंत रोमांचक मैच में भिलाई इस्पात संयंत्र की बालक टीम राजनांदगांव जिले के टीम से 5 अंक से (70-65) पराजित होते हुए प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता में विजयी होने पर एसआरए रिजवी, जीके अग्रवाल, सहीराम जाखड़, बशीर अहमद खान, कमल सिंघल, विजय डब्ल्यू देशपांडे, साजी टी थॉमस, राजेंद्र पटेल आदि ने बधाईयां दी।

Monday, 20 May 2013

सोनिया ने छीना रसोई का सुकून


रमन सरकार ने दिलाई राहत

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने कहा है कि केन्द्र की यूपीए सरकार की अध्यक्ष हालांकि एक महिला हैं पर इस सरकार ने महिलाओं का सुकून छीन लिया है। जिस रसोई से महिलाएं अपने परिवार को खुशियां देती थीं, जहां वह अपनी रचनात्मक को साकार करती थी, वही रसोई अब महंगाई के चलते उन्हें डराने लगी है।
मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज पाण्डेय की उपस्थिति में मोर्चा की प्रदेश महामंत्री पूजा विधानी ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस सरकार को उखाड़ फेंकना है तथा आम जन, विशेषकर महिलाओं की चिंता करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार केन्द्र में बनाना है। प्रस्ताव का समर्थन प्रदेश मंत्री इना श्रीवास्तव ने किया।
रमन महिलाओं के सच्चे हितैषी
बैठक को संबोधित करते हुए महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को महिलाओं का सच्चा हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए रमन सरकार ने कई उपाय किये। इसमें महिला स्वसहायता समूहों का निर्माण तथा उन्हें दिए जाने वाले ब्याज की दर को 6 प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत किया जाना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं का मानेदय बढ़ाया जाना, तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं को निशुल्क साड़ी वितरण, एक हजार महिला नगर सैनिकों की भर्ती किया जाना जैसे अनेकों कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष हजारों कन्याओं का विवाह कराने का पुण्य कार्य भाजपा सरकार कर रही है। वहीं जननी प्रसव योजना के तहत प्रसवकाल के समय शासकीय एंबुलेंस द्वारा प्रसूता को अस्पताल तक निशुल्क ले जाना एवं उसके चिकित्सीय व्यय को वहन करने के लिए महतारी एक्सप्रेस योजना प्रारंभ की गई है। वहीं महिलाओं को गृहलक्ष्मी का दर्जा देते हुए राशनकार्डों को महिलाओं के नाम किया जा रहा है।
हैट्रिक तय करने का संकल्प
मिशन 2013 में डा. रमन की हैट्रिक तय करने भाजपा महिला मोर्चा की हजारों महिलाओं ने कमर कस लिया है। महिलाओं ने मंडल से लेकर बूथ तक जाकर घर-घर दस्तक देने की रणनीति बनाई है।
सोनिया महिलाओं की दुश्मन
राजनीतिक प्रस्ताव में मोर्चा ने कहा, यूपीए की संयोजक एक महिला होने के बावजूद सरकार महंगाई को लगातार बढ़ावा दे रही है, गृहणियों की रसोई में महंगाई की आग जलाकर केंद्र सरकार एक तरह से महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। इस बेलगाम महंगाई ने सर्वाधिक प्रभाव देश की महिलाओं पर डाला है। महंगाई के चलते घर चलाना दुश्वार हो गया है। गैस सिलेंडर से लेकर खाद्य पदार्थों के मनमाने बढ़ते दामों ने महिलाओं के किचन को खीझ और क्रोध उत्पन्न करने वाला स्थान बना दिया है।