Sunday, 14 September 2014

भिलाई में हो सकते हैं दो जूडो अकादमी

0 स्मृतिनगर में राज्य सब जूनियर जूडो स्पर्धा शुरू0 कोच को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण/एक्रेडिटेशन0 जूडो में तेजी से अपना स्तर सुधार रहा छत्तीसगढ़

भिलाई। जूडो फेडरेशन आॅफ इंडिया के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा है कि यदि भिलाई इस्पात संयंत्र और एसीसी जामुल चाहें तो यहां दो जूडो अकादमी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि यहां पहल होती है तो वे व्यक्तिगत स्तर पर एसीसी मुख्यालय मुम्बई से सम्पर्क करने को तैयार हैं। यदि राज्य जूडो फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष राव समय ले लेते हैं तो वे उनके साथ इस्पात मंत्री से भी इस संबंध में बात कर सकते हैं।
श्री अशोक कुमार यहां 14वीं छत्तीसगढ़ राज्य सब जूनियर जूडो प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश जूडो संघ के सचिव अरुण द्विवेदी से कहा कि यदि वे स्थान निर्धारित कर लेते हैं तो वे छत्तीसगढ़ में 15 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की जूडो कोचिंग सेमीनार आयोजित करने के लिए तैयार हैं। यहां चयनित प्रशिक्षकों को आगे राष्ट्रीय स्तर के शिविर में तथा फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। यदि वे इस त्रिस्तरीय प्रशिक्षण को सफलता के साथ पूरा कर लेते हैं तो उन्हें जूडो के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय हंगरी में परीक्षा देनी होगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय जूडो संघ का एक्रेडिशन मिल जाएगा।
भारत में जूडो के उज्जवल भविष्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लासगो कॉमन वेल्थ गेम्स में भारत का एक पुरुष तथा एक महिला खिलाड़ी गोल्ड मेडल के लिए लड़े।  इन खेलों में हमारे 14 खिलाड़ी गए थे जिनमें से 9 ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई। यह हमारे लिए गर्व की बात है। छत्तीसगढ़ में जूडो ने पिछले 4-5 सालों में अच्छी प्रगति की है। यहां के बच्चे नेशनल मेडल ला रहे हैं। राज्य नेशनल गेम्स में अधिक से अधिक पदक लाने का लक्ष्य निर्धारित कर काम कर रहा है। हम इसमें पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता से 15 श्रेष्ठ बच्चों का चयन किया जाए। राष्ट्रीय संघ उन्हें अंतरराष्ट्रीय इंपोर्टेड जूडो ड्रेस उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ जूडो संघ के अध्यक्ष सुभाष राव ने कहा कि राज्य में खेलों को लेकर शासन गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने यहां खेलों के विकास के लिए कारपोरेट जगत को आमंत्रित किया तथा उन्हें अलग अलग खेलों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। इसीके तहत एसीसी जामुल को जूडो का खेल दिया गया। हमें खुशी है कि एसीसी ने अपनी जिम्मेदारी का भरपूर निर्वाह किया और हमें नतीजे मिल रहे हैं। उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों की जरूरत को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अतिथि एसीसी जामुल के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख शिरीष शुक्ला ने कहा कि जूडो को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी के स्तर पर जो कुछ भी संभव हो रहा है हम उससे अधिक करने का प्रयास कर रहे हैं। हम सुविधा दे सकते हैं, मेहनत बच्चों को करनी है। हम सभी को यकीन दिलाना चाहते हैं कि बच्चे यदि खेल को अपना 100 प्रतिशत देते हैं तो एसीसी अपनी तरफ से 110 प्रतिशत देगी।
मुफ्त हॉल की पेशकश
स्मृति नगर गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष राजीव चौबे ने कहा कि 1980 में स्थापित इस समिति ने खुद को भवन निर्माण, सड़क, नाली, पानी और बिजली तक ही सीमित नहीं रखा बल्कि लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की। आज यहां लगभग सभी खेलों के लिए सुविधाए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर का बास्केट बाल कोर्ट है, बैटमिंटन का प्रशिक्षण नियमित रूप से दिया जाता है। जिस हॉल में जूडो की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता अभी हो रही है वहां जिम्नास्टिक्स का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। यदि जूडो संघ प्रशिक्षकों की व्यवस्था करे तो वे इसी भवन की निचली मंजिल का हॉल उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए छत्तीसगढ़ जूडे संघ के सचिव अरुण द्विवेदी ने कहा कि आज हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने बीच पाकर आह्लादित हैं। इससे बच्चों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में खेलोें को लेकर काफी सकारात्मक माहौल है तथा हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसीसी जामुल का जूडो से 30 साल पुराना रिश्ता है। इसपर राज्य शासन ने बाद में आधिकारिक मुहर लगाई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष बशीर अहमद खान, बीएसपी जूडो क्लब के प्रमुख राजीव मेनन, जूडो रेफरी शंभू सोनी सहित मैच आॅफिशियल्स, खिलाड़ी एवं पेरेन्ट्स बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Saturday, 13 September 2014

देश की रोलबाल टीम में दो खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के

जमशेदपुर। द्वितीय दक्षिण एशियाई रोल बॉल चैंपियनशिप के लिए यहां आयोजित नेशनल कैंप में छत्तीसगढ़ के दो खिलाड़ियों का चयन किया गया है। छत्तीसगढ़ रोलबाल संघ के अध्यक्ष विजय बघेल एवं सचिव अजय त्रिवेदी इसके समापन समारोह में उपस्थित थे।
बालक वर्ग के लिए चयनित खिलाड़ियों में उत्तर प्रदेश से कक्कर श्रेष्ठ, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, केरल से अखिल, राजस्थान से अजय सिंह चौधरी, किशोर कुमार, नमन चौधरी, साकिब अली, अजीत सिंह, महाराष्ट्र से रोहित रविन्द्र साल्वी, अक्षय सुनील कोलपकर, झारखण्ड से मोनू गुप्ता, छत्तीसगढ़ से अनुराग मजूमदार शामिल हैं। टीम आफीशियल्स में झारखण्ड के कोच चंदेश्वर कुमार तथा सहायक कोच महाराष्ट्र से प्रताप पगारे को शामिल किया गया है। प्रबंधक जीवा राजू एवं एम एस त्यागी को लिया गया है। बालिका वर्ग में महाराष्ट्र की श्वेता भगत, अपर्णा तानाजी हजारे, ऐश्वर्या राजीव सावंत, तमिलनाडु की के कृतिका, एन हर्षिनी, राजस्थान की सोनम गाबा, पूनम, प्रियंका चौधरी, नेहा खंडेलवाल, मध्यप्रदेश की कृतिका चौहान, महक धोके, छत्तीसगढ़ की अंजलि नायर शामिल हैं। टीम कोच राजस्थान के रमेश सिंह, टीम कोच महाराष्ट्र के अशोक काले, टीम मैनेजर दिल्ली की मिस चेतना नांगिए हरजाई तथा टीम आफिशियल जम्मू कश्मीर की मधु शर्मा होंगी। 

राज्य हैंडबाल सबजूनियर बालक इंदौर रवाना

भिलाई। 31वीं सब जूनियर राष्ट्रीय हैंडबाल में भाग लेने राज्य की टीम इंदौर रवाना हो गई। प्रतियोगिता 14 से 19 सितम्बर के बीच खेला जाना है। बालक और बालिका टीम में एक एक खिलाड़ी छत्तीसगढ़ से हैं। छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के सचिव एवं राज्य ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष बशीर अहमद खान ने बताया कि इस 18 सदस्यीय टीम में राष्ट्रीय हैंडबाल अकादमी के सचिन व लोकेश, रायपुर जिले से टोमेश कमार साहू, अकील अहमद, देवेन्द्र साहू, सरगुजा से अनारदन सिंह, नैमन टोप्पो, अंकित गुप्ता, विशाल विश्वमकर्मा, आकाश चौधरी, मुंगेली से जयेश वैष्णव, बीएसपी से डी. नवीन, कबीरधाम से आदित्य खरसान, आनंद निर्मलकर कोरबा से गणेश कुमार ध्रुव, दीपक कुमार भगत शामिल हैं। प्रशिक्षक मो. युसुफ बीएसपी तथा प्रबंधक बीडी करुपति बीएसपी साथ हैं। प्रतियोगिता में जाने से पहले टीम को भिलाई हैंडबाल काम्पलेक्स में 12 दिवसीय सघन प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह को छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के अध्यक्ष डॉ. राजेश मिश्रा, आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने मुख्यअतिथि की आसंदी से संबोधित किया। 

सड़क कहां है, कहां है सड़क : अरूण वोरा

दुर्ग। दुर्ग नगर की जर्जर सड़कों को लेकर लगातार प्रयासरत दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा ने आज तीखे तेवर दिखाते हुए लोक निर्माण विभाग के कायर्पालन अभियंता एसएस मांझी, सहायक अभियंता एसडी जोतदार और उपयंत्री आसिफ हसन एवं अन्य अधिकारियों के साथ शहर भ्रमण किया और सवाल किया कि शहर में सड़क नाम की कोई चीज है या नहीं? अधिकारियों के यह कहने पर कि 16 अक्टूबर से सभी सड़कों का डामरीकरण शुरू किया जाएगा उन्होंने नाराजगी जताई और काम तत्काल शुरू करने को कहा। विधायक के तेवर देख कर अधिकारियों ने तत्काल चंडी मंदिर नयापारा चौक से बघेरा रोड का मरम्मतीकरण कार्य शुरू किया। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पोटियाकला के छात्रों ने विधायक अरूण वोरा का घेराव कर उनसे जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। छात्रों ने बताया कि सड़क के खराब होने के कारण उन्हें स्कूल आने मेंं भारी परेशानी उठानी पड़ती है। वे अक्सर सड़क में गिर जाते है।  उनकी ड्रेस और किताबे खराब हो जाती है। अरूण वोरा ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे सड़को का शीघ्र संधारण कराएंगे। शासकीय प्राथमिक शाला के छात्रों के अनुरोध पर विधायक अरूण वोरा ने शाला भवन का निरीक्षण भी किया जो काफी जर्जर हो चुका है। उन्होने तत्काल शाला भवन के संधारण और बाउंड्रीवाल के अंदर बरामदें में टाइल्स लगाने के लिए 10 लाख रूपये विधायक निधि से स्वीकृत किए। इस दौरान श्री वोरा के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आर एन वर्मा, कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता एवं पार्षद देवकुमार जंघेल, नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा, पार्षद संजय कोहले, पूर्व एल्डरमेन बसंत खिलाड़ी, शहर प्रवक्ता प्रकाश गीते, भोजराम यादव सहित अन्य उपस्थित थे।

मेंहदी कार्यशाला का शुभारंभ

भिलाई। डॉ खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई-3 में मेंहदी कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन प्राचार्य डॉ. श्रीमती राधा पाण्डेय ने मेहंदी लगवाकर किया । कार्यशाला का संयोजन डॉ. अल्पना देशपाण्डे द्वारा किया जा रहा है एवं मेंहदी विशेषज्ञ मोनिका वर्मा खुर्सीपार निवासी द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि मेंहदी कला भी स्वरोजगार परक है। विविध अवसरों पर आस-पास के लोगों को मेंहदी लगाकर 150 से 400 रूपये तक आय अर्जित की जा सकती है वहीं विशेष अवसरों जैसे शादी ब्याह के अवसर पर 1500 से 2500 रूपये तक कमाया जा सकता है। प्रशिक्षण 10 अक्टूबर 2014 तक तक चलेगा। जिसमें पारंपरिक एवं आधुनिक मेंहदी जैसे राजस्थानी, बिहारी, अरेबिक, डाई, नेल पेंट, ग्लीटर, स्टोन, राउण्ड मेंहदी, साइड मेंहदी, बूटे वाली मेंहदी, टेटू एवं दुल्हन मेंहदी सिखाई जायेगी। भारतीय परम्परा में मेंहदी प्रत्येक शुभ अवसर पर महिलाएं लगाती हैं। इसे शगुन माना जाता है। ये विभिन्न अवसर शादी, धार्मिक पर्व जैसे तीजा, दीपावली, राखी, ईद, जन्मदिन आदि में लगाते है।
मोनिका ने बताया कि मेहंदी को घोलने के बाद पतले कपड़े से दो से तीन बार छानते हैं ताकि उसमें कचरा न रहे फिर नीलगिरी का तेल छोटी शीशी का एक चौथाई भाग और एक नीबू का रस छानकर डालेंगे। अब चाय की पत्ती को पानी में खौलाकर मेंहदी घुलते तक पानी डालकर फेंटेंगे। इसके बाद कम से कम 10-12 घण्टे रखने के बाद प्लास्टिक का कोन बनाकर मेंहदी डालकर कोन पैक करेंगे । अब इस कोन से विभिन्न डिजाइन डालते हैै। कार्यशाला में कुमारी पूनम सिंह, खुशबू, जागृति कोसे, प्रियंका, पूजा कुर्रे, स्नेहा, रेशमा बानो, सपना साहू, डिम्पी कौशिक, पूजा चन्द्राकर, ज्योत सिंह, किरण लहरे, ललिता भारती, संतोषी, लोकेश्वरी देशमुख, इन्दु कुर्रे, रोहिणी देवांगन, दिव्या वर्मा, वन्दना पटेल, तुलसी धुव, योगेश्वरी धृतलहरे आदि छात्रायें  भाग ले रहीं है ।

Friday, 12 September 2014

हाथ बढ़ाओ और छू लो आसमान : श्वेता

भिलाई। मिसेस इंटरनेशनल श्वेता पड्डा ने लड़कियों से कहा है कि उन्हें रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और आसमान छूने की कोशिश करनी चाहिए। हताशा और निराशा को अपने पास भी नहीं फटकने देने वाली श्वेता पड्डा को हाल ही में गोल्डन फीनिक्स अवार्ड से नवाजा गया है। महिलाओं के उत्थान की दिशा में काम करने वाली एशिया की इस शीर्ष संस्था ने 6 सितम्बर को मलेशिया के कुआलालम्पुर स्थित पैलेस आॅफ गोल्डन हॉर्सेस में यह सम्मान दिया गया। उन्हें गोल्डन फीनिक्स के शीर्ष सम्मान बेनिवोलेंस अवार्ड प्रदान किया गया।
संडे कैम्पस से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की किसी महिला को एशिया का यह शीर्ष सम्मान पहली बार दिया गया है। शरण वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसायटी की संचालक श्वेता नेत्रदान अभियान की ब्रांड अम्बेसेडर भी हैं। उन्होंने वर्ल्ड विजन आर्गनाइजेशन से एक बच्ची गोद ली है तथा मधुमेह पीड़ित बच्चों को स्पांसर करती हैं।
श्वेता बताती हैं कि उनकी इस सफलता का मूल कारण उनकी सोच है। उन्होंने बतौर स्त्री, स्वयं को कभी हेय नहीं समझा। हमेशा पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चुनौतियों को स्वीकार किया। अपनी बात को साफ-साफ रखना, अपनी क्षमता अनुसार जरूरतमंदों की मदद करने की प्रवृत्ति उन्हें परिवार से विरासत में मिली। वे कहती हैं कि अपने बच्चों की काउंसिलिंग के लिए आज भी वे अपने माता-पिता की मदद लेती हैं। उन्होंने ऐसे सेशन्स का वीडियो भी बना रखा है। वे कहती हैं कि उनके व्यक्तित्व पर पिता अशोक कुमार तलवार तथा महर्षि विद्या मंदिर की प्राचार्य श्रीमती उषा तलवार का गहरा प्रभाव है।
मोदी की जबरदस्त फैन : श्वेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जबरदस्त फैन हैं। वे कहती हैं कि मोदी में जबरदस्त कांफिडेंस है। वे कड़ी मेहनत करते हैं और फोकस्ड हैं। ये सभी गुण खुद उनमें विद्यमान हैं। वे जो भी चाहती हैं, पूरी शिद्दत से उसे पाने में जुट जाती हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन, अध्ययनशील दिमाग - सब मिलकर आपको कांफिडेंस देते हैं। लक्ष्य की तरफ पूरी एकाग्रता से बढ़ने वालों की कभी हार नहीं होती। वे बताती हैं कि उन्होंने अपने अंदर कभी हीन भावना, निराशा या हताशा को प्रवेश करने नहीं दिया।
जीरो फिगर की कोई डिमांड नहीं : श्वेता कहती हैं जीरो फिगर सिर्फ एक हव्वा है। यदि जीरो फिगर के चक्कर में आपने खाना-पीना छोड़ दिया है और हमेशा बुझी बुझी सी रहती हैं तो आपका यह फिगर किस काम का। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शिगूफा है। यह न तो फैशन इंडस्ट्री की डिमांड है और न ही शो बिजनेस की। इन क्षेत्रों में काम करने के लिए भरपूर ऊर्जा और स्ट्रेंथ की जरूरत पड़ती है। वे अच्छा भोजन लेती हैं। स्लिम ट्रिम रहने के लिए प्रतिदिन वर्कआउट करती हैं। इसके लिए वे गोल्ड जिम के वर्कआउट स्पेशलिस्ट्स का धन्यवाद भी करती हैं।
करियर के लिए शादी टालना जरूरी नहीं : श्वेता कहती हैं कि यदि परिवार सपोर्टिंग हो तो करियर के लिए शादी टालना कतई जरूरी नहीं। खुद उनका विवाह 20 साल की उम्र में हुआ। दो बच्चे हैं जो बिशप कॉटन स्कूल के बोर्डिंग में रहते हैं। उनके घर में कोई कामवाली बाई नहीं है। सारा काम वे खुद ही करती हैं। अपने फार्महाउस के 120 लोग उनके विशाल परिवार का हिस्सा हैं।
सफलता के टिप्स : श्वेता कहती हैं कि अपने ऊपर भरोसा रखें। चाल-ढाल, उठने बैठने, भाव भंगिमा में आत्मविश्वास झलकनी चाहिए। आप जो हैं- जैसी हैं, उसपर गर्व करें। जो आप नहीं हैं, वह दिखाने की कोशिश न करें। प्रत्येक घटना या व्यक्ति का सकारात्मक विवेचन करें, जीवन में जो कुछ होता है उसे सहजता के साथ स्वीकार करने की कोशिश करें। अनुशासित रहें, समय की पाबंद रहें - सफलता आपके कदम चूमेगी। 

जॉब सीकर नहीं जॉब क्रिएटर बनें

भिलाई। जी.डी. रूंगटा कॉलेज आॅफ साइंस एण्ड टेक्नालॉजी के डिपार्टमेंट आॅफ मैनेजमेंट एण्ड कॉमर्स द्वारा स्टूडेंट्स में उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रूंगटा ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमेन संतोष रूंगटा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम निश्चित रूप से मैनेजमेंट तथा कॉमर्स के स्टूडेंट्स में उद्यमिता के गुण विकसित करने में सफल होंगे। स्टूडेंट्स जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रियेटर बनें। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कनक सिन्हा ने उद्यमिता विकास पर इस आयोजन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मौके पर प्रिंसिपल-आरईसी, भिलाई डॉ. अजय तिवारी, डायरेक्टर एचआर एण्ड प्लेसमेंट्स महेन्द्र श्रीवास्तव, सीईओ साइंस कॉलेजेस संजीव शुक्ला तथा प्रबंधक जनसंपर्क सुशांत पंडित की उपस्थिति रही।
आयोजन के दौरान कॉलेज के बीबीए तथा बी.कॉम के स्टूडेंट्स ने सामान की बिक्री के विभिन्न स्टॉल्स लगाये, जिसमें हैण्डमेड प्रोडक्ट्स, परफ्यूम, वॉ-ए-मिरर, ग्लास मेड डेकोरेटिव्ज, पंपकीन टॉय बॉक्स, ज्वेलरी बॉक्स, लैम्प आदि बिक्री हेतु उपलब्ध थे। इसके अलावा सर्विसेस प्रोडक्ट्स के अंतर्गत पर्सनालिटी एनालिसिस, हेण्डराईटिंग एण्ड सिग्नेचर एनालिसिस, कलर टेस्ट, टी-शर्ट डिजाईनिंग की सेवाओं के विभिन्न स्टॉल्स थे। फास्ट-फूड संबंधित स्टॉल्स का भी काफी जोर रहा। आयोजन में वाईस-प्रिंसिपल श्रीमती प्रगति शुक्ला, प्रबंधन विभाग की प्रमुख श्रीमती नेहा सोनी तथा मैनेजमेंट एवं कॉमर्स विभाग के समस्त प्राध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीबीए के स्टूडेंट्स रजत वर्मा, मेघा जोहाल तथा अनिता कुमारी का उल्लेखनीय योगदान रहा।
बिक्री के आंकड़ों के लिहाज से टॉप-3 स्टॉल्स को विजेता तथा उपविजेता घोषित कर पुरस्कृत किया गया। प्रथम - साना आफरीन एण्ड ग्रुप, बीबीए फिफ्थ सेमेस्टर, द्वितीय विक्रांत एण्ड ग्रुप, बीकॉम तथा तृतीय ज्ञानेन्द्र एण्ड ग्रुप, बीकॉम।

Thursday, 11 September 2014

शासन का हाथ बंटाएंगे छात्रनेता

दुर्ग। ग्रामीण क्षेत्रों मे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिये नियुक्त नोडल अधिकारी की तर्ज पर अब जिले के  नगरीय निकायों के विभिन्न वार्डाे की निगरानी महाविद्यालयीन छात्र संघ के पदाधिकारी करेंगे। नगरीय क्षेत्रों के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में गणित,  विज्ञान, भौतिक, रसायन, अंग्रेजी जैसे विषयों की कक्षाएं लेंगे। और अपनी सुविधा के अनुसार दिन और समय निर्धारित कर हाईस्कूल, हायर सकेण्डरी स्कूल के बच्चों को इन विषयों का अध्यापन करायेंगे। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना के लिये प्रेरक का कार्य करते हुए शिक्षित बेरोजगारों को प्रशिक्षण प्राप्त करने प्रेरित करेंगे। वर्तमान समय में बाजार में प्रचलित परम्परा एवं काम की मांग के अनुसार प्रशिक्षण ट्रेण्ड भी सुझायेंगे।
दुर्ग स्थित भिलाई इंस्टीट्यूट आॅफ टैक्नालॉजी में जिला कलेक्टर श्रीमती आर. शंगीता ने गुरुवार को नवनिर्वाचित छात्रसंघ प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने छात्र संघ प्रतिनिधियों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव से आपस में वाट्स अप समूह बनाकर जुड़ने को कहा। इसमें वे भी शामिल होंगीं। ग्रुप जरूरतमंद की सहायता करने, कुरीतियों को दूर करने, आपात सहायता उपलब्ध कराने तथा अनुचित कार्य व्यापार के खिलाफ काम करेगा। इस वाट्स अप गु्रप को सद्भावना बनाये रखने और व्यवस्था सुधारने के मंच के रूप में उपयोग किया जाएगा।
छात्र संघ के पदाधिकारियों को स्वेच्छा से नई जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। प्रत्येक सदस्य स्वयं अपने आस-पास के हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल के बच्चों को एक घंटे पढ़ायेगा और अपने सहपाठियों को भी इस हेतु प्रेरित करेगा। दिन, समय, विषय, स्कूल का चयन स्वयं करेगा। इससे संबंधित आॅनलाईन पंजीयन शीघ्र ही प्रारंभ  की जायेगी। छात्र संघ सदस्य नगरीय क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड का भ्रमण और निरीक्षण करेंगे। वे साफ-सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, आंगनबाड़ी   केन्द्र में भोजन व्यवस्था, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन, राशन दुकान में खाद्यान्न की उपलब्धता और उसके वितरण, सामाजिक पेंशन का वितरण, शिक्षकों की उपस्थिति आदि जनहितकारी योजनाओं की जानकारी लेंगे और जिला प्रशासन को अवगत करायेंगे। छात्रों के प्रतिवेदन के आधार पर योजनाओं के सही क्रियान्वयन की जिम्मेदारी तय की जायेगी और दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
इस अवसर पर विज्ञान महाविद्यालय की कु. रश्मि रॉय ने महाविद्यालय के सामने सड़क पर जेब्रा क्रासिंग व ट्रेफिक पुलिस की व्यवस्था किये जाने की मांग की। कु. रचना पांडे ने बालिकाओं, महिलाओं की सुरक्षा के लिये उपाय किये जाने की मांग की। सोमेश कुमार ने कालेज परिसर के आस पास व कालेज मार्ग में से शराब दुकानों को हटाये जाने की मांग की। कु. श्रद्धा ने दुर्ग जिले में पीएचडी के लिये अनुभवी  गाईड की नियुक्ति की मांग की। उतई के टिकेन्द्र साहू ने ग्रामीण खिलाड़ियों को आगे लाने की जरूरत पर जोर दिया। सुरेश श्रीवास ने यूनिवर्सिटी स्तर पर कैम्पस सलेक्शन किये जाने की मांग की। 

प्रो. मूना आईआईआईटी रायपुर के निदेशक नियुक्त

रायपुर। प्रोफेसर रजत मूना अन्तर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशक नियुक्त किये गए हैं। राज्यपाल एवं कुलाधिपति बलरामजी दास टंडन ने उनका नियुक्ति आदेश जारी किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के प्रोफेसर मूना वर्तमान में सेंटर फॉर डेवलपमेंट आॅफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (सी-डैक) के महानिदेशक हैं। वे जनवरी 2015 में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
सी-डैक के महानिदेशक के रूप में प्रोफेसर मूना ने सुपर कम्प्यूटरों, राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग ग्रिड, बहुभाषायी कम्प्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और एम्बेडेड सिस्टम्स, सूचना और साईबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सूचना विज्ञान, ई-गवर्नेन्स उपायों और ई-लर्निंग प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत के प्रयासों को नेतृत्व प्रदान किया है। वे 1991 से आईआईटी कानपुर में अध्यापन कर रहे हैं, जहां वे सुप्रतिष्ठित पूनम और प्रभुगोयल चेयर पर चेयर प्रोफेसर रहे हैं।
 श्री मूना आईआईटी कानपुर और आईआईएससी बेंगलुरू के एलम्नस हैं और उन्होंने सात पेंटेंट दर्ज किए हैं। उनके तीस शोध पत्र और दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। भारत-अमरिका विज्ञान और प्रौद्योगिकी फैलो के रूप में श्री मूना अमरिका में एमआईटी में विजिटिंग साइंटिस्ट भी रह चुके हैं। उनकी शोध अभिरूचियों में एम्बेडेड सिस्टम्स, कम्प्यूटर सुरक्षा, वीएलएसआई डिजाईन तथा आॅपरेटिंग सिस्टम शामिल हैं। श्री मूना ड्राईविंग लाईसेंस, वाहन पंजीयन प्रणालियों, भारतीय राष्ट्रीय पहचान पत्र और ई-पासपोर्ट जैसे अनुप्रयोगों में प्रयुक्त स्मार्ट कार्डों के मानकों के निर्धारण से भी जुड़े रहे हैं। वे इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण जैसे क्षेत्रों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी अनुप्रयोगों के निर्धारण से भी जुड़े रहे हैं।

राशन के लिए गरीबों ने दिया धरना


भिलाई। सरकारी अमले की बहानेबाजी और ढीला-ढाला रवैए के चलते हजारों गरीब परिवारों के घर के चूल्हे बंद हो चुके हैं। जिन्हें अब तक राशन मिल रहा था उन्हें भी इस महीने राशन से वंचित रहना पड़ा है। इनमें बड़ी संख्या में कुष्ठमुक्त जन भी शामिल हैं। इन सभी ने गुरुवार को एकजुट होकर निगम मुख्यालय के गेट पर चार घंटे का धरना दिया।
धरने का नेतृत्व करते हुए निगम सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा ने बताया कि निगम क्षेत्र में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले राशन कार्डधारियों का सत्यापन घर घर जाकर किया गया था। कई घरों तक सत्यापन करने वाले पहुंचे ही नहीं। सत्यापन से छूट गए परिवारों से दावा आपत्ति के तहत पुन: आवेदन मंगवाए गए जिनका आज तक निराकरण नहीं किया जा सका है। कुछ लोगों के कार्ड में संशोधन किया गया था जिसे कम्प्यूटर पर चढ़ाया नहीं गया। इस महीने ऐसे सभी परिवार राशन से वंचित हो गए हैं।
नगर निगम सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा, पूर्व साडा उपाध्यक्ष बृजमोहन सिंह, पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्र, जांनिसार अख्तर, श्वेता दिवाकर भारती आदि की अगुवाई में इसी बात को लेकर निगम मुख्यालय पर धरना दिया। उन्होंने गरीबों समस्या को रेखांकित करते हुए जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें अगस्त माह तक राशन प्राप्त करने वाले सभी हितग्राहियों को तुरंत राशन देने, लंबित आवेदनों का तत्काल निराकरम करने, कम्प्यूटरों में जानकारी तत्काल अपडेट करने एवं उसना के बजाय अरवा चावल देने की मांग की गई है।

Wednesday, 10 September 2014

रोजगार कार्यालय ने शुरू किया प्लेसमेन्ट सर्विस

रायपुर। राज्य सरकार के जनशक्ति नियोजन विभाग द्वारा पंडरी स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र (जिला रोजगार कार्यालय) में बुधवार को पहली बार प्लेसमेन्ट शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के सभी जिला रोजगार कार्यालयों को इस प्रकार के शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेरोजगारों का सीधा सम्पर्क नियोजकों से कराया जा सके और उन्हें योग्यता के अनुरूप नौकरी अथवा स्वरोजागर का अवसर मिल सके। इसी कड़ी में रायपुर में बुधवार को लगाए गए शिविर में एस.बी.आई. लाईफ इंश्योरेंस कम्पनी द्वारा कुल 52 पदों पर नियुक्ति के लिए युवक-युवतियों का साक्षात्कार लिया गया। इनमें सर्वाधिक 50 पद वित्तीय सलाहकार के हैं। शेष दो पद सेल्स आॅफिसर और यूनिट मेनेजर के हैं। रायपुर सहित आस-पास के जिलों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने बड़ी संख्या में आकर साक्षात्कार दिया।

सांसद अभिषेक ने बांटा मुआवजा

राजनांदगांव। सांसद अभिषेक सिंह ने आज राजनांदगांव जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम भेड़ीकला में आंधी एवं बारिश से क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा वितरण किया। 41 आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को कुल एक लाख 20 हजार रूपए आरबीसी 6.4 के तहत प्रदान किया गया।
सांसद श्री सिंह ने भेड़ीकला में क्षतिग्रस्त मकानों का मुआयना किया एवं यादा क्षतिग्रस्त मकानों के मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान मद से सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कराने का विश्वास दिलाया। इस दौरान उन्होने सीसी रोड निर्माण एवं गौठान समतलीकरण के कार्य की स्वीकृति दी। ग्रामीणों ने सांसद को अवगत कराया कि तेज आंधी के कारण उनके गांव में तीन.चार सौ पेड़ भी गिर गये।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भरत वर्मा, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सचिन बघेल, राजगामी संपदा अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, आरपी द्विवेदी, सरपंच कृष्णा साहू, उपसरपंच भोजराम देवांगन एवं ओम प्रकाश देवांगन सहित ग्रामीण जन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की 102 वनौषधियों को ड्रग लाइसेंस

'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' ब्रांड को मिल रहा अच्छा प्रतिसाद

महिला समूह और ग्रामीण समितियां बना रहीं आयुर्वेदिक औषधियां
राजधानी रायपुर के संजीवनी केन्द्र में तीन गुना बढ़ी बिक्री
रायपुर। राज्य के वनौषधि प्रसंस्करण केन्द्रों में तैयार की जा रही 102 आयुर्वेदिक वनौषधियों को छत्तीसगढ़ सरकार के आयुष विभाग द्वारा ड्रग एवं कासमेटिक एक्ट के अनुसार लाइसेंस भी मिल गया है। 'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' के ब्रांड पर की जा रही इनकी मार्केटिंग के लिए राज्य में छह स्थानों पर गैर काष्ठीय वनोपज मार्ट और 32 स्थानों पर संजीवनी केन्द्रों की स्थापना की गई है। दुर्ग, बिलासपुर, अम्बिकापुर, कांकेर और जगदलपुर में भी संजीवनी रिटेल आउटलेट संचालित किए जा रहे हैं।
वन सम्पदा से परिपूर्ण राज्य के वनों में लोगों को जीवन देने वाली मूल्यवान आयुर्वेदिक वनौषधियों का व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू हो गया है, जो विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए रामबाण साबित हो रही हैं। इस कार्य में स्थानीय वनवासी परिवारों को रोजगार भी मिल रहा हैै। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की नीति के अनुरूप ग्राम वन समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा वनौषधियों का संग्रहण कर उनका प्रसंस्करण किया जा रहा है। यह कार्य लघु एवं कुटीर उद्योग के रूप में हो रहा है। राज्य के 27 में से 5 जिलों में सात स्थानों पर वनौषधि प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित किए गए हैं। तैयार वनौषधियों को आकर्षक पैकेजिंग के साथ 'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' के ब्रांड नाम से बाजार में उतारा गया है। इस ब्रांड को आयुर्वेदिक डॉक्टरों, मरीजों और ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
रायपुर में गांधी उद्यान के समीप स्थित 'संजीवनी' में 2013-14 में इन वनौषधियों की लगभग 34 लाख 77 हजार रूपए की बिक्री हुई। रायपुर के संजीवनी रिटेल आउटलेट में नौ साल में करीब दो करोड़ 17 लाख रूपए की वनौषधियों की बिक्री हो चुकी है।
ये हैं औषधियां - चूर्ण, अवलेह, तेल और पाक
त्रिफला चूर्ण, पंचसम चूर्ण, शतावरी चूर्ण, मधुमेहांतक चूर्ण, पायोकिल (दंत मंजन), सर्दी-खांसी नाशक चूर्ण, हर्बल कॉफी चूर्ण, हर्बल मधुमेह नाशक चूर्ण, फेसपेक चूर्ण, केशपाल चूर्ण, गुड़मार चूर्ण, सपर्गंधा चूर्ण, गिलोय चूर्ण, नीमपत्र चूर्ण, दर्द निवारक महाविष गर्भ तेल सहित भृंगराज तेल, अश्वगंधा चूर्ण, तुलसी चूर्ण, च्यवनप्राश, कौंचपाक और वासअवलेह भी बनाया जा रहा है। कुछ केन्द्रों में शहद का भी उत्पादन हो रहा है। उल्लेखनीय है कि ये सभी वनौषधियां कई प्रकार के बीमारियों के इलाज में कारगर साबित हो रही है, जैसे गिलोय चूर्ण का इस्तेमाल चमर्रोग, वातरक्त ज्वर, पीलिया और रक्ताल्पता (एनिमिया) में काफी उपयोगी है। तुलसी चूर्ण का उपयोग सर्दी-खांसी, कृमिरोग, नेत्र रोग आदि में किया जा सकता है। जामुन-गुठली चूर्ण का इस्तेमाल मधुमेह की बीमारी में काफी लाभदायक है। जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, बदन दर्द आदि वात रोगों में महाविषगर्भ तेल का उपयोग किया जा सकता है। च्यवनप्राश का उपयोग शरीर की रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने में किया जा सकता है।

सायकल पोलो की चार खिलाड़ियों को शहीद राजीव पाण्डे सम्मान


1.12500 रुपए नगद, खेल अलंकरण व ब्लेजर मिलेंगे

भिलाई। छत्तीसगढ़ की चार महिला सायकल पोलो खिलाडिय़ों का चयन शहीद राजीव पाण्डे अलंकरण के लिये किया गया है। इनमें कुमारी रेशमी, कुमारी प्रीति यादव, कुमार काजल उइके तथा कुमारी प्रियंका प्रजापति शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ सायकल पोलो संघ के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी एवं महासचिव वीआर चन्नावार ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने पुरस्कारों की अंतिम सूची जारी कर दी है। इस पुरस्कार के तहत 1,12,500 रुपए नगद, खेल अलंकरण फलक एवं ब्लेजर से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सायकल पोलो महिला दल को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब तक एक स्वर्ण तथा चार रजत पदक मिल चुके हैं। राज्य में सायकल पोलो 2003 में प्रारंभ हुआ। 2005 से राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में लगातार पदक प्राप्त हो रहे हैं। 
इन खिलाडिय़ों ने बढ़ाया भिलाई का मान
कुमारी रेशमी : साईं महाविद्यालय सेक्टर-6 बी.काम प्रथम की छात्रा हैं। पिता के पापाराव बीएसपी कर्मचारी हैं। 12 वर्ष की आयु में खेल से जुड़ीं। 2012-13 में शहीद कौशल यादव पुरस्कार। कुल 17 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व। 13 स्वर्ण, 4 रजत एवं कांस्य पदक। पिछले चार वर्षों से प्रतिवर्ष लगातार सम्मानित।
प्रीति यादव : भिलाई महिला महाविद्यालय सेक्टर-9 बी.कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा। पिता ओम कुमार यादव एफएसएनएल में कर्मचारी। 12 वर्ष की आयु में खेलना प्रारंभ किया। 2012-13 में शहीद कौशल यादव पुरस्कार। 17 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी। 12 स्वर्ण, चार रजत पदक। पिछले चार वर्षों से प्रतिवर्ष पुरस्कार।
काजल उइके : शासकीय महिला महाविद्यालय दुर्ग की बी.काम प्रथम वर्ष की छात्रा। पिता रामधीन उइके ठेकेदारी में कार्यरत। 13 वर्ष की आयु में खेलना प्रारंभ। 2012 में शहीद कौशल यादव सम्मान। 15 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व। 8 स्वर्ण, 6 रजत तथा एक कांस्य पदक। विगत वर्षों में लगातार पुरस्कार।
प्रियंका प्रजापति : शंकराचार्य महाविद्यालय सेक्टर-6 में एमबीए की छात्रा। पिता जयकिशन प्रजापति जेनिथ कंस्ट्रक्शन में कर्मचारी। 8 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व। 5 स्वर्ण, 3 रजत पदक प्राप्त कर चुकी हैंं।

Monday, 8 September 2014

बस्तर में राष्ट्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय अगले सत्र से

छत्तीसगढ़ के बस्तर में अगले सत्र से राष्ट्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय प्रारंभ किया जायेगा । आज नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी की बैठक में इस बात की सहमति बनी । बैठक में राज्य में प्राथमिक , माध्यमिक शिक्षा तथा उच्च शिक्षा से जुड़े राज्य सरकार के अनेक प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गयी । बैठक में राज्य के अपर मुख्य सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार और केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर में राष्ट्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय प्रारंभ होने से इस क्षेत्र में निवासरत जनजातियों की शिक्षा , संस्कृति , रीति रिवाज , प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और अन्य जैवविविधताओं के अध्ययन और शोध में मदद मिलेगी । केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अक्टूबर माह में शिक्षा संस्थानों के अवलोकन के लिए बस्तर भी आयेंगी ।
    बैठक में राज्य के बस्तर , सरगुजा और बिलासपुर में नवगठित तीन विश्वविद्यालयों को तेजी से विकसित करने के लिए वन टाईम कैच ग्रांट देने पर भी सहमति बनी । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन तीनों विश्वविद्यालयों में अधोसंरचना और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता जतायी थी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का एक दल शीघ्र ही छत्तीसगढ़ आयेगा तथा राज्य सरकार द्वारा आई.आई.टी. के लिए सुझाए गए स्थल का अवलोकन करेगा । मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आई.आई.टी. प्रारंभ करने की घोषणा से युवाओं में काफी उत्साह का वातावरण है और हम चाहते है कि इसे शीघ्र ही मूर्तरूप प्रदान करे । मुख्यमंत्री ने नया रायपुर में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की स्थापना की भी मांग की ।
बैठक में मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में सर्व शिक्षा अभियान के तहत 146 विकासखंडों में से केवल 92 विकासखंडों में ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय है उन्होंने शेष 54 विकासखंडों में भी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय स्वीकृत करने की मांग की । केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि मंत्रालय प्रथम चरण में राज्य के शेष 31 आदिवासी विकासखंडो में इन बालिका विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान करेगा। दूसरे चरण में बाकी बचे विकासखंडों को भी इसमें सम्मिलित कर लिया जायेगा । बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों के वेतन , आर.एम.एस.ए. के तहत 876 पूर्व माध्यमिक शालाओं के हाई स्कूल में उन्नयन , अतिरिक्त वेतन और अन्य विषयों के संबंध में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का ध्यान आकृष्ट किया । बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री बी.एल.अग्रवाल , स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू , सर्व शिक्षा अभियान के संचालक श्री रजत कुमार और विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे ।   

पंजाब हाउस में आग, एक करोड़ की क्षति

भिलाई। सेक्टर-5 ए मार्केट स्थित पंजाब हाऊस में आज सुबह लगी आग में लगभग एक करोड़ रुपए की क्षति हो गई। हालांकि फायर ब्रिगेड 15-20 मिनट में ही पहुंच गया था पर तब तक सबकुछ जलकर खाक हो चुका था।
सुबह लगभग सवा आठ बजे इन लपटों को सबसे पहले देखने वालों में सेक्टर-6 व्यापारी संघ के अध्यक्ष विनोद उपाध्याय भी शामिल थे। वे पावर जिम से निकलकर चाय पीने के लिए सिविक सेन्टर जा रहे थे। धुआं उठता देख उन्होंने सबसे पहले फायर ब्रिगेड को सूचना देने की कोशिश की पर नम्बर लगा नहीं। इसपर उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। उन्होंने तत्परता के साथ पंजाब हाउस के मालिक प्रिया सालवान को फोन पर सूचना दी।

थोड़ी देर पहले ही निकली थीं

श्रीमती सालवान उस समय गणपति विसर्जन के लिए निकलकर सेक्टर-9 अस्पताल तक पहुंच चुकी थीं। उन्होंने बताया कि कुछ देर पहले ही वे दुकान से निकली थीं। दुकान में भी गणपति की स्थापना की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकान में स्थापित गणपति को लेकर वे 20-25 मिनट पहले ही निकली थीं। उन्होंने बताया कि त्यौहारी सीजन को देखते हुए हाल ही में लगभग 80 लाख रुपए का माल मंगाया गया था जो इस हादसे में होम हो गया।

छात्राओं ने रैम्प पर बिखेरी सतरंगी छटा

भिलाई-3। डॉ खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई-3 में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यशाला के तहत मेनीक्योर, पेडीक्योर, थ्रेडिंग, ब्लीचिंग, वैक्सिंग, फेशियल, हेयर स्टाइल, हिना, हेड मसाज, हेयर स्पा, हेयर डाई, मेकअप, दुल्हन मेकअप, साड़ी रैपिंग एवं रैम्प वाक का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के अंतिम दिन छात्राओं ने रैम्प शो भी किया। इस स्पर्धा में पूजा कुर्रे प्रथम, शर्मिला विश्वास द्वितीय एवं पूजा ने तृतीय स्थान हासिल किया। शांति सिंह को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। रूपाली, शर्मिला, पूजा ने फीडबैक दिया। रैम्प शो में 76 छात्राओं ने भाग लिया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ राधा पाण्डेय एवं कार्यक्रम संचालक डॉ अल्पना देशपाण्डे ने छात्राओं का उत्साहवर्द्धन करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण उनके भावी जीवन में बेहद कारगर साबित होगा। डॉ अल्पना देशपांडे ने बताया कि 9 सितम्बर से मेहंदी तथा इसके बाद रंगोली, हस्तकला, फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डेकोरेश्न, कुकिंग, बेकिंग, कराटे, योगा आदि की कार्यशालाएं भी संचालित की जाएंगी।

Sunday, 7 September 2014

मशरूम से 15000 रुपए प्रतिमाह की आमदनी

अम्बिकापुर। मशरूम उत्पादन ने प्रकाश यादव के जीवन में रौशनी की किरण ला दी है। आज इनका पूरा परिवार मशरूम उत्पादन में लगा हुआ है। प्रकाश को 10 से 15 हजार और कभी-कभी इससे भी ज्यादा की मासिक आमदनी होने लगी है। चर्चा कॉलरी निवासी प्रकाश पान की दुकान चलाकर जीवन-यापन करता था कि उनकी पत्नी श्रीमती सरिता देवी ने दूरदर्शन में मशरूम उत्पादन का कार्यक्रम देखा और पति को प्रेरित किया। प्रकाश ने ठान लिया और बैकुंठ से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया। आज इनका मशरूम बैकुण्ठपुर ही नहीं पूरे सरगुजा संभाग में जा रहा हे। प्रकाश प्रारंभ में चर्चा कॉलरी में घूम-घूम मशरूम बेचते थे। धीरे-धीरे इन्होंने बैकुण्ठपुर, सूरजपुर तक अपनी पहुंच बनाई। सरगुजा के पूर्व कलेक्टर आर. प्रसन्ना व बायोटेक लैब में पदस्थ युवा वैज्ञानिक प्रशांत शर्मा ने इनकी काफी मदद की। अब इनके पास संभाग मुख्यालय में पुराने जनपद पंचायत भवन का मुख्यसड़क की ओर एक कक्ष है जहां से ये मशरूम  विक्रय करते है। आज प्रकाश अपनी दुकान में मशरूम की बड़ी पापड़ व अन्य सामग्री का भी विक्रय करते हैं। इनका पूरा परिवार इस व्यवसाय में जुटा रहता है। आज इनके ग्राहकों में बड़े-बड़े होटल भी शामिल हो चुके हैं।

भूख से चल बसा पूर्व सरकारी डाक्टर

मेरठ। 57 वर्ष के एक पूर्व सरकारी डॉक्टर का शव मौत के एक महीने बाद उनके घर से बरामद हुआ। अंदेशा है कि डॉ. हरेंद्र बढ़ई की मौत भुखमरी से हुई है। यह घटना यूपी के मेरठ की है जहां डॉ. बढ़ई अपने भाई हरीश के साथ शास्त्री नगर में रहते थे। पुलिस ने बताया कि दोनों भाई मानसिक बीमारी से गुजर रहे थे। हरीश एयर फोर्स में आॅफिसर थे जबकि डॉ. हरेंद्र सरधाना के सिविल हॉस्पिटल में तैनात रहे। दोनों ने मानसिक परेशानियों की वजह से नौकरियां छोड़ दी थीं।
घर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शनिवार को हरेंद्र का सड़ा हुआ शव बरामद किया। तब उनके छोटे भाई हरीश घर में ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हरेंद्र सो रहा है, उसे मत ले जाओ। पुलिस ने बताया कि हरीश पिछले एक महीने से शव के साथ ही रह रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों भाइयों ने खुद को घर में कैद कर रखा था और हरेंद्र की मौत की वजह भुखमरी हो सकती है। दोनों के लिए खाना एक टिफिन सर्विस से आता था, जो पिछले 20 दिन से बंद थी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और जांच के लिए हरीश को हिरासत में ले लिया है।