रायपुर। प्रोफेसर रजत मूना अन्तर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशक नियुक्त किये गए हैं। राज्यपाल एवं कुलाधिपति बलरामजी दास टंडन ने उनका नियुक्ति आदेश जारी किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के प्रोफेसर मूना वर्तमान में सेंटर फॉर डेवलपमेंट आॅफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (सी-डैक) के महानिदेशक हैं। वे जनवरी 2015 में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
सी-डैक के महानिदेशक के रूप में प्रोफेसर मूना ने सुपर कम्प्यूटरों, राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग ग्रिड, बहुभाषायी कम्प्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और एम्बेडेड सिस्टम्स, सूचना और साईबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सूचना विज्ञान, ई-गवर्नेन्स उपायों और ई-लर्निंग प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत के प्रयासों को नेतृत्व प्रदान किया है। वे 1991 से आईआईटी कानपुर में अध्यापन कर रहे हैं, जहां वे सुप्रतिष्ठित पूनम और प्रभुगोयल चेयर पर चेयर प्रोफेसर रहे हैं।
श्री मूना आईआईटी कानपुर और आईआईएससी बेंगलुरू के एलम्नस हैं और उन्होंने सात पेंटेंट दर्ज किए हैं। उनके तीस शोध पत्र और दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। भारत-अमरिका विज्ञान और प्रौद्योगिकी फैलो के रूप में श्री मूना अमरिका में एमआईटी में विजिटिंग साइंटिस्ट भी रह चुके हैं। उनकी शोध अभिरूचियों में एम्बेडेड सिस्टम्स, कम्प्यूटर सुरक्षा, वीएलएसआई डिजाईन तथा आॅपरेटिंग सिस्टम शामिल हैं। श्री मूना ड्राईविंग लाईसेंस, वाहन पंजीयन प्रणालियों, भारतीय राष्ट्रीय पहचान पत्र और ई-पासपोर्ट जैसे अनुप्रयोगों में प्रयुक्त स्मार्ट कार्डों के मानकों के निर्धारण से भी जुड़े रहे हैं। वे इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण जैसे क्षेत्रों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी अनुप्रयोगों के निर्धारण से भी जुड़े रहे हैं।
सी-डैक के महानिदेशक के रूप में प्रोफेसर मूना ने सुपर कम्प्यूटरों, राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग ग्रिड, बहुभाषायी कम्प्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और एम्बेडेड सिस्टम्स, सूचना और साईबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सूचना विज्ञान, ई-गवर्नेन्स उपायों और ई-लर्निंग प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत के प्रयासों को नेतृत्व प्रदान किया है। वे 1991 से आईआईटी कानपुर में अध्यापन कर रहे हैं, जहां वे सुप्रतिष्ठित पूनम और प्रभुगोयल चेयर पर चेयर प्रोफेसर रहे हैं।
श्री मूना आईआईटी कानपुर और आईआईएससी बेंगलुरू के एलम्नस हैं और उन्होंने सात पेंटेंट दर्ज किए हैं। उनके तीस शोध पत्र और दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। भारत-अमरिका विज्ञान और प्रौद्योगिकी फैलो के रूप में श्री मूना अमरिका में एमआईटी में विजिटिंग साइंटिस्ट भी रह चुके हैं। उनकी शोध अभिरूचियों में एम्बेडेड सिस्टम्स, कम्प्यूटर सुरक्षा, वीएलएसआई डिजाईन तथा आॅपरेटिंग सिस्टम शामिल हैं। श्री मूना ड्राईविंग लाईसेंस, वाहन पंजीयन प्रणालियों, भारतीय राष्ट्रीय पहचान पत्र और ई-पासपोर्ट जैसे अनुप्रयोगों में प्रयुक्त स्मार्ट कार्डों के मानकों के निर्धारण से भी जुड़े रहे हैं। वे इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण जैसे क्षेत्रों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी अनुप्रयोगों के निर्धारण से भी जुड़े रहे हैं।

No comments:
Post a Comment