Saturday, 13 September 2014

मेंहदी कार्यशाला का शुभारंभ

भिलाई। डॉ खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई-3 में मेंहदी कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन प्राचार्य डॉ. श्रीमती राधा पाण्डेय ने मेहंदी लगवाकर किया । कार्यशाला का संयोजन डॉ. अल्पना देशपाण्डे द्वारा किया जा रहा है एवं मेंहदी विशेषज्ञ मोनिका वर्मा खुर्सीपार निवासी द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि मेंहदी कला भी स्वरोजगार परक है। विविध अवसरों पर आस-पास के लोगों को मेंहदी लगाकर 150 से 400 रूपये तक आय अर्जित की जा सकती है वहीं विशेष अवसरों जैसे शादी ब्याह के अवसर पर 1500 से 2500 रूपये तक कमाया जा सकता है। प्रशिक्षण 10 अक्टूबर 2014 तक तक चलेगा। जिसमें पारंपरिक एवं आधुनिक मेंहदी जैसे राजस्थानी, बिहारी, अरेबिक, डाई, नेल पेंट, ग्लीटर, स्टोन, राउण्ड मेंहदी, साइड मेंहदी, बूटे वाली मेंहदी, टेटू एवं दुल्हन मेंहदी सिखाई जायेगी। भारतीय परम्परा में मेंहदी प्रत्येक शुभ अवसर पर महिलाएं लगाती हैं। इसे शगुन माना जाता है। ये विभिन्न अवसर शादी, धार्मिक पर्व जैसे तीजा, दीपावली, राखी, ईद, जन्मदिन आदि में लगाते है।
मोनिका ने बताया कि मेहंदी को घोलने के बाद पतले कपड़े से दो से तीन बार छानते हैं ताकि उसमें कचरा न रहे फिर नीलगिरी का तेल छोटी शीशी का एक चौथाई भाग और एक नीबू का रस छानकर डालेंगे। अब चाय की पत्ती को पानी में खौलाकर मेंहदी घुलते तक पानी डालकर फेंटेंगे। इसके बाद कम से कम 10-12 घण्टे रखने के बाद प्लास्टिक का कोन बनाकर मेंहदी डालकर कोन पैक करेंगे । अब इस कोन से विभिन्न डिजाइन डालते हैै। कार्यशाला में कुमारी पूनम सिंह, खुशबू, जागृति कोसे, प्रियंका, पूजा कुर्रे, स्नेहा, रेशमा बानो, सपना साहू, डिम्पी कौशिक, पूजा चन्द्राकर, ज्योत सिंह, किरण लहरे, ललिता भारती, संतोषी, लोकेश्वरी देशमुख, इन्दु कुर्रे, रोहिणी देवांगन, दिव्या वर्मा, वन्दना पटेल, तुलसी धुव, योगेश्वरी धृतलहरे आदि छात्रायें  भाग ले रहीं है ।

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