अम्बिकापुर। मशरूम उत्पादन ने प्रकाश यादव के जीवन में रौशनी की किरण ला दी है। आज इनका पूरा परिवार मशरूम उत्पादन में लगा हुआ है। प्रकाश को 10 से 15 हजार और कभी-कभी इससे भी ज्यादा की मासिक आमदनी होने लगी है। चर्चा कॉलरी निवासी प्रकाश पान की दुकान चलाकर जीवन-यापन करता था कि उनकी पत्नी श्रीमती सरिता देवी ने दूरदर्शन में मशरूम उत्पादन का कार्यक्रम देखा और पति को प्रेरित किया। प्रकाश ने ठान लिया और बैकुंठ से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया। आज इनका मशरूम बैकुण्ठपुर ही नहीं पूरे सरगुजा संभाग में जा रहा हे। प्रकाश प्रारंभ में चर्चा कॉलरी में घूम-घूम मशरूम बेचते थे। धीरे-धीरे इन्होंने बैकुण्ठपुर, सूरजपुर तक अपनी पहुंच बनाई। सरगुजा के पूर्व कलेक्टर आर. प्रसन्ना व बायोटेक लैब में पदस्थ युवा वैज्ञानिक प्रशांत शर्मा ने इनकी काफी मदद की। अब इनके पास संभाग मुख्यालय में पुराने जनपद पंचायत भवन का मुख्यसड़क की ओर एक कक्ष है जहां से ये मशरूम विक्रय करते है। आज प्रकाश अपनी दुकान में मशरूम की बड़ी पापड़ व अन्य सामग्री का भी विक्रय करते हैं। इनका पूरा परिवार इस व्यवसाय में जुटा रहता है। आज इनके ग्राहकों में बड़े-बड़े होटल भी शामिल हो चुके हैं।
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