0 स्मृतिनगर में राज्य सब जूनियर जूडो स्पर्धा शुरू0 कोच को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण/एक्रेडिटेशन0 जूडो में तेजी से अपना स्तर सुधार रहा छत्तीसगढ़
भिलाई। जूडो फेडरेशन आॅफ इंडिया के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा है कि यदि भिलाई इस्पात संयंत्र और एसीसी जामुल चाहें तो यहां दो जूडो अकादमी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि यहां पहल होती है तो वे व्यक्तिगत स्तर पर एसीसी मुख्यालय मुम्बई से सम्पर्क करने को तैयार हैं। यदि राज्य जूडो फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष राव समय ले लेते हैं तो वे उनके साथ इस्पात मंत्री से भी इस संबंध में बात कर सकते हैं।श्री अशोक कुमार यहां 14वीं छत्तीसगढ़ राज्य सब जूनियर जूडो प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश जूडो संघ के सचिव अरुण द्विवेदी से कहा कि यदि वे स्थान निर्धारित कर लेते हैं तो वे छत्तीसगढ़ में 15 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की जूडो कोचिंग सेमीनार आयोजित करने के लिए तैयार हैं। यहां चयनित प्रशिक्षकों को आगे राष्ट्रीय स्तर के शिविर में तथा फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। यदि वे इस त्रिस्तरीय प्रशिक्षण को सफलता के साथ पूरा कर लेते हैं तो उन्हें जूडो के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय हंगरी में परीक्षा देनी होगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय जूडो संघ का एक्रेडिशन मिल जाएगा।
भारत में जूडो के उज्जवल भविष्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लासगो कॉमन वेल्थ गेम्स में भारत का एक पुरुष तथा एक महिला खिलाड़ी गोल्ड मेडल के लिए लड़े। इन खेलों में हमारे 14 खिलाड़ी गए थे जिनमें से 9 ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई। यह हमारे लिए गर्व की बात है। छत्तीसगढ़ में जूडो ने पिछले 4-5 सालों में अच्छी प्रगति की है। यहां के बच्चे नेशनल मेडल ला रहे हैं। राज्य नेशनल गेम्स में अधिक से अधिक पदक लाने का लक्ष्य निर्धारित कर काम कर रहा है। हम इसमें पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता से 15 श्रेष्ठ बच्चों का चयन किया जाए। राष्ट्रीय संघ उन्हें अंतरराष्ट्रीय इंपोर्टेड जूडो ड्रेस उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ जूडो संघ के अध्यक्ष सुभाष राव ने कहा कि राज्य में खेलों को लेकर शासन गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने यहां खेलों के विकास के लिए कारपोरेट जगत को आमंत्रित किया तथा उन्हें अलग अलग खेलों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। इसीके तहत एसीसी जामुल को जूडो का खेल दिया गया। हमें खुशी है कि एसीसी ने अपनी जिम्मेदारी का भरपूर निर्वाह किया और हमें नतीजे मिल रहे हैं। उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों की जरूरत को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अतिथि एसीसी जामुल के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख शिरीष शुक्ला ने कहा कि जूडो को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी के स्तर पर जो कुछ भी संभव हो रहा है हम उससे अधिक करने का प्रयास कर रहे हैं। हम सुविधा दे सकते हैं, मेहनत बच्चों को करनी है। हम सभी को यकीन दिलाना चाहते हैं कि बच्चे यदि खेल को अपना 100 प्रतिशत देते हैं तो एसीसी अपनी तरफ से 110 प्रतिशत देगी।
मुफ्त हॉल की पेशकश
स्मृति नगर गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष राजीव चौबे ने कहा कि 1980 में स्थापित इस समिति ने खुद को भवन निर्माण, सड़क, नाली, पानी और बिजली तक ही सीमित नहीं रखा बल्कि लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की। आज यहां लगभग सभी खेलों के लिए सुविधाए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर का बास्केट बाल कोर्ट है, बैटमिंटन का प्रशिक्षण नियमित रूप से दिया जाता है। जिस हॉल में जूडो की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता अभी हो रही है वहां जिम्नास्टिक्स का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। यदि जूडो संघ प्रशिक्षकों की व्यवस्था करे तो वे इसी भवन की निचली मंजिल का हॉल उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए छत्तीसगढ़ जूडे संघ के सचिव अरुण द्विवेदी ने कहा कि आज हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने बीच पाकर आह्लादित हैं। इससे बच्चों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में खेलोें को लेकर काफी सकारात्मक माहौल है तथा हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसीसी जामुल का जूडो से 30 साल पुराना रिश्ता है। इसपर राज्य शासन ने बाद में आधिकारिक मुहर लगाई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष बशीर अहमद खान, बीएसपी जूडो क्लब के प्रमुख राजीव मेनन, जूडो रेफरी शंभू सोनी सहित मैच आॅफिशियल्स, खिलाड़ी एवं पेरेन्ट्स बड़ी संख्या में उपस्थित थे।














