Sunday, 14 September 2014

भिलाई में हो सकते हैं दो जूडो अकादमी

0 स्मृतिनगर में राज्य सब जूनियर जूडो स्पर्धा शुरू0 कोच को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण/एक्रेडिटेशन0 जूडो में तेजी से अपना स्तर सुधार रहा छत्तीसगढ़

भिलाई। जूडो फेडरेशन आॅफ इंडिया के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा है कि यदि भिलाई इस्पात संयंत्र और एसीसी जामुल चाहें तो यहां दो जूडो अकादमी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि यहां पहल होती है तो वे व्यक्तिगत स्तर पर एसीसी मुख्यालय मुम्बई से सम्पर्क करने को तैयार हैं। यदि राज्य जूडो फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष राव समय ले लेते हैं तो वे उनके साथ इस्पात मंत्री से भी इस संबंध में बात कर सकते हैं।
श्री अशोक कुमार यहां 14वीं छत्तीसगढ़ राज्य सब जूनियर जूडो प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश जूडो संघ के सचिव अरुण द्विवेदी से कहा कि यदि वे स्थान निर्धारित कर लेते हैं तो वे छत्तीसगढ़ में 15 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की जूडो कोचिंग सेमीनार आयोजित करने के लिए तैयार हैं। यहां चयनित प्रशिक्षकों को आगे राष्ट्रीय स्तर के शिविर में तथा फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। यदि वे इस त्रिस्तरीय प्रशिक्षण को सफलता के साथ पूरा कर लेते हैं तो उन्हें जूडो के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय हंगरी में परीक्षा देनी होगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय जूडो संघ का एक्रेडिशन मिल जाएगा।
भारत में जूडो के उज्जवल भविष्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लासगो कॉमन वेल्थ गेम्स में भारत का एक पुरुष तथा एक महिला खिलाड़ी गोल्ड मेडल के लिए लड़े।  इन खेलों में हमारे 14 खिलाड़ी गए थे जिनमें से 9 ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई। यह हमारे लिए गर्व की बात है। छत्तीसगढ़ में जूडो ने पिछले 4-5 सालों में अच्छी प्रगति की है। यहां के बच्चे नेशनल मेडल ला रहे हैं। राज्य नेशनल गेम्स में अधिक से अधिक पदक लाने का लक्ष्य निर्धारित कर काम कर रहा है। हम इसमें पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता से 15 श्रेष्ठ बच्चों का चयन किया जाए। राष्ट्रीय संघ उन्हें अंतरराष्ट्रीय इंपोर्टेड जूडो ड्रेस उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ जूडो संघ के अध्यक्ष सुभाष राव ने कहा कि राज्य में खेलों को लेकर शासन गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने यहां खेलों के विकास के लिए कारपोरेट जगत को आमंत्रित किया तथा उन्हें अलग अलग खेलों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। इसीके तहत एसीसी जामुल को जूडो का खेल दिया गया। हमें खुशी है कि एसीसी ने अपनी जिम्मेदारी का भरपूर निर्वाह किया और हमें नतीजे मिल रहे हैं। उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों की जरूरत को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अतिथि एसीसी जामुल के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख शिरीष शुक्ला ने कहा कि जूडो को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी के स्तर पर जो कुछ भी संभव हो रहा है हम उससे अधिक करने का प्रयास कर रहे हैं। हम सुविधा दे सकते हैं, मेहनत बच्चों को करनी है। हम सभी को यकीन दिलाना चाहते हैं कि बच्चे यदि खेल को अपना 100 प्रतिशत देते हैं तो एसीसी अपनी तरफ से 110 प्रतिशत देगी।
मुफ्त हॉल की पेशकश
स्मृति नगर गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष राजीव चौबे ने कहा कि 1980 में स्थापित इस समिति ने खुद को भवन निर्माण, सड़क, नाली, पानी और बिजली तक ही सीमित नहीं रखा बल्कि लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की। आज यहां लगभग सभी खेलों के लिए सुविधाए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर का बास्केट बाल कोर्ट है, बैटमिंटन का प्रशिक्षण नियमित रूप से दिया जाता है। जिस हॉल में जूडो की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता अभी हो रही है वहां जिम्नास्टिक्स का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। यदि जूडो संघ प्रशिक्षकों की व्यवस्था करे तो वे इसी भवन की निचली मंजिल का हॉल उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए छत्तीसगढ़ जूडे संघ के सचिव अरुण द्विवेदी ने कहा कि आज हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने बीच पाकर आह्लादित हैं। इससे बच्चों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में खेलोें को लेकर काफी सकारात्मक माहौल है तथा हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसीसी जामुल का जूडो से 30 साल पुराना रिश्ता है। इसपर राज्य शासन ने बाद में आधिकारिक मुहर लगाई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष बशीर अहमद खान, बीएसपी जूडो क्लब के प्रमुख राजीव मेनन, जूडो रेफरी शंभू सोनी सहित मैच आॅफिशियल्स, खिलाड़ी एवं पेरेन्ट्स बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Saturday, 13 September 2014

देश की रोलबाल टीम में दो खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के

जमशेदपुर। द्वितीय दक्षिण एशियाई रोल बॉल चैंपियनशिप के लिए यहां आयोजित नेशनल कैंप में छत्तीसगढ़ के दो खिलाड़ियों का चयन किया गया है। छत्तीसगढ़ रोलबाल संघ के अध्यक्ष विजय बघेल एवं सचिव अजय त्रिवेदी इसके समापन समारोह में उपस्थित थे।
बालक वर्ग के लिए चयनित खिलाड़ियों में उत्तर प्रदेश से कक्कर श्रेष्ठ, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, केरल से अखिल, राजस्थान से अजय सिंह चौधरी, किशोर कुमार, नमन चौधरी, साकिब अली, अजीत सिंह, महाराष्ट्र से रोहित रविन्द्र साल्वी, अक्षय सुनील कोलपकर, झारखण्ड से मोनू गुप्ता, छत्तीसगढ़ से अनुराग मजूमदार शामिल हैं। टीम आफीशियल्स में झारखण्ड के कोच चंदेश्वर कुमार तथा सहायक कोच महाराष्ट्र से प्रताप पगारे को शामिल किया गया है। प्रबंधक जीवा राजू एवं एम एस त्यागी को लिया गया है। बालिका वर्ग में महाराष्ट्र की श्वेता भगत, अपर्णा तानाजी हजारे, ऐश्वर्या राजीव सावंत, तमिलनाडु की के कृतिका, एन हर्षिनी, राजस्थान की सोनम गाबा, पूनम, प्रियंका चौधरी, नेहा खंडेलवाल, मध्यप्रदेश की कृतिका चौहान, महक धोके, छत्तीसगढ़ की अंजलि नायर शामिल हैं। टीम कोच राजस्थान के रमेश सिंह, टीम कोच महाराष्ट्र के अशोक काले, टीम मैनेजर दिल्ली की मिस चेतना नांगिए हरजाई तथा टीम आफिशियल जम्मू कश्मीर की मधु शर्मा होंगी। 

राज्य हैंडबाल सबजूनियर बालक इंदौर रवाना

भिलाई। 31वीं सब जूनियर राष्ट्रीय हैंडबाल में भाग लेने राज्य की टीम इंदौर रवाना हो गई। प्रतियोगिता 14 से 19 सितम्बर के बीच खेला जाना है। बालक और बालिका टीम में एक एक खिलाड़ी छत्तीसगढ़ से हैं। छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के सचिव एवं राज्य ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष बशीर अहमद खान ने बताया कि इस 18 सदस्यीय टीम में राष्ट्रीय हैंडबाल अकादमी के सचिन व लोकेश, रायपुर जिले से टोमेश कमार साहू, अकील अहमद, देवेन्द्र साहू, सरगुजा से अनारदन सिंह, नैमन टोप्पो, अंकित गुप्ता, विशाल विश्वमकर्मा, आकाश चौधरी, मुंगेली से जयेश वैष्णव, बीएसपी से डी. नवीन, कबीरधाम से आदित्य खरसान, आनंद निर्मलकर कोरबा से गणेश कुमार ध्रुव, दीपक कुमार भगत शामिल हैं। प्रशिक्षक मो. युसुफ बीएसपी तथा प्रबंधक बीडी करुपति बीएसपी साथ हैं। प्रतियोगिता में जाने से पहले टीम को भिलाई हैंडबाल काम्पलेक्स में 12 दिवसीय सघन प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह को छत्तीसगढ़ हैंडबाल संघ के अध्यक्ष डॉ. राजेश मिश्रा, आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने मुख्यअतिथि की आसंदी से संबोधित किया। 

सड़क कहां है, कहां है सड़क : अरूण वोरा

दुर्ग। दुर्ग नगर की जर्जर सड़कों को लेकर लगातार प्रयासरत दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा ने आज तीखे तेवर दिखाते हुए लोक निर्माण विभाग के कायर्पालन अभियंता एसएस मांझी, सहायक अभियंता एसडी जोतदार और उपयंत्री आसिफ हसन एवं अन्य अधिकारियों के साथ शहर भ्रमण किया और सवाल किया कि शहर में सड़क नाम की कोई चीज है या नहीं? अधिकारियों के यह कहने पर कि 16 अक्टूबर से सभी सड़कों का डामरीकरण शुरू किया जाएगा उन्होंने नाराजगी जताई और काम तत्काल शुरू करने को कहा। विधायक के तेवर देख कर अधिकारियों ने तत्काल चंडी मंदिर नयापारा चौक से बघेरा रोड का मरम्मतीकरण कार्य शुरू किया। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पोटियाकला के छात्रों ने विधायक अरूण वोरा का घेराव कर उनसे जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। छात्रों ने बताया कि सड़क के खराब होने के कारण उन्हें स्कूल आने मेंं भारी परेशानी उठानी पड़ती है। वे अक्सर सड़क में गिर जाते है।  उनकी ड्रेस और किताबे खराब हो जाती है। अरूण वोरा ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे सड़को का शीघ्र संधारण कराएंगे। शासकीय प्राथमिक शाला के छात्रों के अनुरोध पर विधायक अरूण वोरा ने शाला भवन का निरीक्षण भी किया जो काफी जर्जर हो चुका है। उन्होने तत्काल शाला भवन के संधारण और बाउंड्रीवाल के अंदर बरामदें में टाइल्स लगाने के लिए 10 लाख रूपये विधायक निधि से स्वीकृत किए। इस दौरान श्री वोरा के साथ शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आर एन वर्मा, कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता एवं पार्षद देवकुमार जंघेल, नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा, पार्षद संजय कोहले, पूर्व एल्डरमेन बसंत खिलाड़ी, शहर प्रवक्ता प्रकाश गीते, भोजराम यादव सहित अन्य उपस्थित थे।

मेंहदी कार्यशाला का शुभारंभ

भिलाई। डॉ खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई-3 में मेंहदी कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन प्राचार्य डॉ. श्रीमती राधा पाण्डेय ने मेहंदी लगवाकर किया । कार्यशाला का संयोजन डॉ. अल्पना देशपाण्डे द्वारा किया जा रहा है एवं मेंहदी विशेषज्ञ मोनिका वर्मा खुर्सीपार निवासी द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि मेंहदी कला भी स्वरोजगार परक है। विविध अवसरों पर आस-पास के लोगों को मेंहदी लगाकर 150 से 400 रूपये तक आय अर्जित की जा सकती है वहीं विशेष अवसरों जैसे शादी ब्याह के अवसर पर 1500 से 2500 रूपये तक कमाया जा सकता है। प्रशिक्षण 10 अक्टूबर 2014 तक तक चलेगा। जिसमें पारंपरिक एवं आधुनिक मेंहदी जैसे राजस्थानी, बिहारी, अरेबिक, डाई, नेल पेंट, ग्लीटर, स्टोन, राउण्ड मेंहदी, साइड मेंहदी, बूटे वाली मेंहदी, टेटू एवं दुल्हन मेंहदी सिखाई जायेगी। भारतीय परम्परा में मेंहदी प्रत्येक शुभ अवसर पर महिलाएं लगाती हैं। इसे शगुन माना जाता है। ये विभिन्न अवसर शादी, धार्मिक पर्व जैसे तीजा, दीपावली, राखी, ईद, जन्मदिन आदि में लगाते है।
मोनिका ने बताया कि मेहंदी को घोलने के बाद पतले कपड़े से दो से तीन बार छानते हैं ताकि उसमें कचरा न रहे फिर नीलगिरी का तेल छोटी शीशी का एक चौथाई भाग और एक नीबू का रस छानकर डालेंगे। अब चाय की पत्ती को पानी में खौलाकर मेंहदी घुलते तक पानी डालकर फेंटेंगे। इसके बाद कम से कम 10-12 घण्टे रखने के बाद प्लास्टिक का कोन बनाकर मेंहदी डालकर कोन पैक करेंगे । अब इस कोन से विभिन्न डिजाइन डालते हैै। कार्यशाला में कुमारी पूनम सिंह, खुशबू, जागृति कोसे, प्रियंका, पूजा कुर्रे, स्नेहा, रेशमा बानो, सपना साहू, डिम्पी कौशिक, पूजा चन्द्राकर, ज्योत सिंह, किरण लहरे, ललिता भारती, संतोषी, लोकेश्वरी देशमुख, इन्दु कुर्रे, रोहिणी देवांगन, दिव्या वर्मा, वन्दना पटेल, तुलसी धुव, योगेश्वरी धृतलहरे आदि छात्रायें  भाग ले रहीं है ।

Friday, 12 September 2014

हाथ बढ़ाओ और छू लो आसमान : श्वेता

भिलाई। मिसेस इंटरनेशनल श्वेता पड्डा ने लड़कियों से कहा है कि उन्हें रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और आसमान छूने की कोशिश करनी चाहिए। हताशा और निराशा को अपने पास भी नहीं फटकने देने वाली श्वेता पड्डा को हाल ही में गोल्डन फीनिक्स अवार्ड से नवाजा गया है। महिलाओं के उत्थान की दिशा में काम करने वाली एशिया की इस शीर्ष संस्था ने 6 सितम्बर को मलेशिया के कुआलालम्पुर स्थित पैलेस आॅफ गोल्डन हॉर्सेस में यह सम्मान दिया गया। उन्हें गोल्डन फीनिक्स के शीर्ष सम्मान बेनिवोलेंस अवार्ड प्रदान किया गया।
संडे कैम्पस से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की किसी महिला को एशिया का यह शीर्ष सम्मान पहली बार दिया गया है। शरण वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसायटी की संचालक श्वेता नेत्रदान अभियान की ब्रांड अम्बेसेडर भी हैं। उन्होंने वर्ल्ड विजन आर्गनाइजेशन से एक बच्ची गोद ली है तथा मधुमेह पीड़ित बच्चों को स्पांसर करती हैं।
श्वेता बताती हैं कि उनकी इस सफलता का मूल कारण उनकी सोच है। उन्होंने बतौर स्त्री, स्वयं को कभी हेय नहीं समझा। हमेशा पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चुनौतियों को स्वीकार किया। अपनी बात को साफ-साफ रखना, अपनी क्षमता अनुसार जरूरतमंदों की मदद करने की प्रवृत्ति उन्हें परिवार से विरासत में मिली। वे कहती हैं कि अपने बच्चों की काउंसिलिंग के लिए आज भी वे अपने माता-पिता की मदद लेती हैं। उन्होंने ऐसे सेशन्स का वीडियो भी बना रखा है। वे कहती हैं कि उनके व्यक्तित्व पर पिता अशोक कुमार तलवार तथा महर्षि विद्या मंदिर की प्राचार्य श्रीमती उषा तलवार का गहरा प्रभाव है।
मोदी की जबरदस्त फैन : श्वेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जबरदस्त फैन हैं। वे कहती हैं कि मोदी में जबरदस्त कांफिडेंस है। वे कड़ी मेहनत करते हैं और फोकस्ड हैं। ये सभी गुण खुद उनमें विद्यमान हैं। वे जो भी चाहती हैं, पूरी शिद्दत से उसे पाने में जुट जाती हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन, अध्ययनशील दिमाग - सब मिलकर आपको कांफिडेंस देते हैं। लक्ष्य की तरफ पूरी एकाग्रता से बढ़ने वालों की कभी हार नहीं होती। वे बताती हैं कि उन्होंने अपने अंदर कभी हीन भावना, निराशा या हताशा को प्रवेश करने नहीं दिया।
जीरो फिगर की कोई डिमांड नहीं : श्वेता कहती हैं जीरो फिगर सिर्फ एक हव्वा है। यदि जीरो फिगर के चक्कर में आपने खाना-पीना छोड़ दिया है और हमेशा बुझी बुझी सी रहती हैं तो आपका यह फिगर किस काम का। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शिगूफा है। यह न तो फैशन इंडस्ट्री की डिमांड है और न ही शो बिजनेस की। इन क्षेत्रों में काम करने के लिए भरपूर ऊर्जा और स्ट्रेंथ की जरूरत पड़ती है। वे अच्छा भोजन लेती हैं। स्लिम ट्रिम रहने के लिए प्रतिदिन वर्कआउट करती हैं। इसके लिए वे गोल्ड जिम के वर्कआउट स्पेशलिस्ट्स का धन्यवाद भी करती हैं।
करियर के लिए शादी टालना जरूरी नहीं : श्वेता कहती हैं कि यदि परिवार सपोर्टिंग हो तो करियर के लिए शादी टालना कतई जरूरी नहीं। खुद उनका विवाह 20 साल की उम्र में हुआ। दो बच्चे हैं जो बिशप कॉटन स्कूल के बोर्डिंग में रहते हैं। उनके घर में कोई कामवाली बाई नहीं है। सारा काम वे खुद ही करती हैं। अपने फार्महाउस के 120 लोग उनके विशाल परिवार का हिस्सा हैं।
सफलता के टिप्स : श्वेता कहती हैं कि अपने ऊपर भरोसा रखें। चाल-ढाल, उठने बैठने, भाव भंगिमा में आत्मविश्वास झलकनी चाहिए। आप जो हैं- जैसी हैं, उसपर गर्व करें। जो आप नहीं हैं, वह दिखाने की कोशिश न करें। प्रत्येक घटना या व्यक्ति का सकारात्मक विवेचन करें, जीवन में जो कुछ होता है उसे सहजता के साथ स्वीकार करने की कोशिश करें। अनुशासित रहें, समय की पाबंद रहें - सफलता आपके कदम चूमेगी। 

जॉब सीकर नहीं जॉब क्रिएटर बनें

भिलाई। जी.डी. रूंगटा कॉलेज आॅफ साइंस एण्ड टेक्नालॉजी के डिपार्टमेंट आॅफ मैनेजमेंट एण्ड कॉमर्स द्वारा स्टूडेंट्स में उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रूंगटा ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमेन संतोष रूंगटा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम निश्चित रूप से मैनेजमेंट तथा कॉमर्स के स्टूडेंट्स में उद्यमिता के गुण विकसित करने में सफल होंगे। स्टूडेंट्स जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रियेटर बनें। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कनक सिन्हा ने उद्यमिता विकास पर इस आयोजन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मौके पर प्रिंसिपल-आरईसी, भिलाई डॉ. अजय तिवारी, डायरेक्टर एचआर एण्ड प्लेसमेंट्स महेन्द्र श्रीवास्तव, सीईओ साइंस कॉलेजेस संजीव शुक्ला तथा प्रबंधक जनसंपर्क सुशांत पंडित की उपस्थिति रही।
आयोजन के दौरान कॉलेज के बीबीए तथा बी.कॉम के स्टूडेंट्स ने सामान की बिक्री के विभिन्न स्टॉल्स लगाये, जिसमें हैण्डमेड प्रोडक्ट्स, परफ्यूम, वॉ-ए-मिरर, ग्लास मेड डेकोरेटिव्ज, पंपकीन टॉय बॉक्स, ज्वेलरी बॉक्स, लैम्प आदि बिक्री हेतु उपलब्ध थे। इसके अलावा सर्विसेस प्रोडक्ट्स के अंतर्गत पर्सनालिटी एनालिसिस, हेण्डराईटिंग एण्ड सिग्नेचर एनालिसिस, कलर टेस्ट, टी-शर्ट डिजाईनिंग की सेवाओं के विभिन्न स्टॉल्स थे। फास्ट-फूड संबंधित स्टॉल्स का भी काफी जोर रहा। आयोजन में वाईस-प्रिंसिपल श्रीमती प्रगति शुक्ला, प्रबंधन विभाग की प्रमुख श्रीमती नेहा सोनी तथा मैनेजमेंट एवं कॉमर्स विभाग के समस्त प्राध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीबीए के स्टूडेंट्स रजत वर्मा, मेघा जोहाल तथा अनिता कुमारी का उल्लेखनीय योगदान रहा।
बिक्री के आंकड़ों के लिहाज से टॉप-3 स्टॉल्स को विजेता तथा उपविजेता घोषित कर पुरस्कृत किया गया। प्रथम - साना आफरीन एण्ड ग्रुप, बीबीए फिफ्थ सेमेस्टर, द्वितीय विक्रांत एण्ड ग्रुप, बीकॉम तथा तृतीय ज्ञानेन्द्र एण्ड ग्रुप, बीकॉम।