आंध्रप्रदेश में हैं 700 इंजीनियरिंग कालेज
न्यूयॉर्क। आंध्र प्रदेश अपनी शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रतिष्ठित मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के संसाधनों का लाभ उठाना चाहता है। इसके लिए आंध्र प्रदेश एमआईटी के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वाला है।राज्य के सूचना तकनीक और संचार मंत्री पोन्नला लक्षमैया ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सहमति पत्र पर कुछ ही महीनों में हस्ताक्षर किए जाएंगे। अभी इसके ब्योरे पर काम किया जा रहा है।
लक्षमैया ने कहा कि इस सहमति पत्र के जरिए बोस्टन स्थित इस प्रतिष्ठित संस्थान के एडएक्स प्लेटफॉर्म और ओपन कोर्सवेयर का लाभ लिया जा सकेगा। पेशेवर अध्यापकों की भारी कमी के बीच यह सीखने की वैकल्पिक प्रक्रियाएं विकसित करने में मददगार होगा।
इस साझेदारी के जरिए आंध्र प्रदेश के छोटे और ग्रामीण कॉलेज एमआईटी की आईलैब तकनीक के माध्यम से इसकी महंगी प्रयोगशालाओं तक अपनी पहुंच बना सकेंगे। इस साझेदारी के जरिए ओपन सॉफ्टवेयर इंटरफेस डेफिनेशन का भी इस्तेमाल हो सकेगा।
लक्षमैया ने कहा, एमआईटी को यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि आंध्रप्रदेश में लगभग 700 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं और उसने कौशल विकास में सहयोग देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर उद्योग का वैश्विक क्षमता वर्ष 2020 तक लगभग 24 खरब डॉलर हो जाने का अनुमान है और भारतीय बाजार की वर्तमान 45 अरब डॉलर की मांग के वर्ष 2020 तक 400 अरब डॉलर हो जाने की संभावना है। मंत्री ने कहा कि इस बाजार के विस्तार के लिए भारत के पहले इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना हैदराबाद में की जाएगी।

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